भाजपा का पत्रकार परिषद में हितेंद्र ठाकुर पर तीखा प्रहार!
विरार, दि. 13 (प्रतिनिधि) : लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हार के बाद अब मनपा चुनाव में भी लगातार तीसरी बार पराजय की आशंका से बहुजन विकास आघाड़ी के पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर पूरी तरह हताश हो गए हैं। इसी हताशा में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जाति पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “असंस्कृत मुख्यमंत्री” कहा, जो अत्यंत निंदनीय है। इस बयान से हितेंद्र ठाकुर और बहुजन विकास आघाड़ी की मानसिकता व संस्कृति साफ झलकती है। जब वसई-विरार मनपा पर बहुजन विकास आघाड़ी की निरंकुश सत्ता थी, तब जनता को सुविधाओं के बजाय अव्यवस्था और गंदगी का सामना करना पड़ा। क्या इसकी जिम्मेदारी हितेंद्र ठाकुर लेंगे? — यह सवाल भारतीय जनता पार्टी ने उठाया है।
हितेंद्र ठाकुर के आरोपों का खंडन-
. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र पाटील, वसई विधानसभा क्षेत्र के समन्वयक एवं वार्ड क्रमांक 11 के उम्मीदवार मनोज पाटील तथा महामंत्री मनोज बारोट ने आज आयोजित पत्रकार परिषद में हितेंद्र ठाकुर के आरोपों का जोरदार खंडन किया। साथ ही वसई-विरार शहर की वास्तविक स्थिति और बहुजन विकास आघाड़ी द्वारा किए गए अव्यवस्थित प्रशासन को विस्तार से उजागर किया।
मुख्यमंत्री असंस्कृत कहे जाने की निंदा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए “असंस्कृत” शब्द का प्रयोग अत्यंत आपत्तिजनक है। हितेंद्र ठाकुर की खुद की ‘संस्कृति’ से वसई-विरार की जनता और पूरा महाराष्ट्र भली-भांति परिचित है। वसई-विरार को दहशत और गुंडागर्दी की पहचान देने वालों द्वारा देवाभाऊ पर की गई टीका जनता बर्दाश्त नहीं करेगी — ऐसा भाजपा ने चेतावनी के रूप में कहा है ।
हितेंद्र ठाकुर के कार्यकाल की विसँगतियों के चलते मनपा पर लगा जुर्माना
. भाजपा के नेताओं ने पत्रकार परिषद में कहा है कि डोंबिवली जैसा कचरे का ढेर नहीं चाहिए, ऐसा कहने वाले ठाकुर के कार्यकाल में ही ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना में किस तरह भ्रष्टाचार हुआ, इसकी पूरी जानकारी कैग ऑडिट में दर्ज है। प्राथमिक प्रोसेसिंग प्लांट आग में जलकर नष्ट हो गया था। इसके बावजूद आवश्यक संयंत्र दोबारा स्थापित किए बिना आगे की प्रक्रिया के लिए ठेके देकर लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट के अनुसार यह पूरा खर्च व्यर्थ गया। इसी कारण हरित अधिकरण (NGT) ने मनपा पर 80 लाख रुपये का एकमुश्त जुर्माना और दिसंबर 2020 से प्रति माह 20 लाख रुपये का दंड लगाया है — यह जानकारी पत्रकार परिषद में दी गई।
मनपा में भ्रष्टाचार चरम पर पंहुचा -
. भाजपा का कहना है कि मनपा का आईएएस आयुक्त जेल गया। ‘एटीएम’ का पूरा हिसाब ईडी की चार्जशीट के पन्ने-पन्ने में दर्ज है। वर्षों से डेवलपर्स से वसूला गया ‘Z फंड’ आखिर किसकी जेब में गया? सामान्य संविदा कर्मचारियों के वेतन पर डाका डालने वालों के पास नैतिकता है क्या? — ऐसा तंज भाजपा ने कसा है ।
बिना कुछ किये श्रेय लेने का प्रयास -
. भाजपा विधायक राजन नाईक के सतत प्रयासों से आचोले स्थित अस्पताल के लिए जमीन मुफ्त में मिली। इसका स्पष्ट उल्लेख सरकारी आदेश (GR) में है। रेलवे फ्लाईओवर के लिए जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को 2025 में मंजूरी मिली और दिसंबर में ही 563 करोड़ रुपये का फंड स्वीकृत हुआ। फिर भी इसका श्रेय हितेंद्र ठाकुर किस आधार पर ले रहे हैं? — यह सवाल भाजपा ने उठाया।
लोकोपयोगी योजनाओं में बाधा बने अवैध निर्माण -
. विरार और नालासोपारा पूर्व से गुजरने वाले रिंग रोड के मार्ग में आने वाले अवैध निर्माण किसके हैं? उन्हें संरक्षण किसने दिया? विरार गार्डन के पास 40 मीटर चौड़ा रिंग रूट 23 मीटर का कैसे रह गया? बाकी 17 मीटर जमीन कहां गई? विरार पश्चिम के संजीवनी अस्पताल तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती, नारंगी पुल वर्षों से अटका है, पिछले 35 वर्षों में नालों की चौड़ाई व्यवस्थित रूप से कम किए जाने के कारण हर मानसून में शहर बाढ़ की चपेट में आता है — ऐसे गंभीर आरोप भाजपा ने लगाए।
सपनों की नगरी का सब्ज़बाग हुआ उड़ान छू?
. पूर्व विधायक क्षितिज ठाकुर द्वारा 2014 में दिखाई गई ‘सपनों की नगरी’ आखिर कहां गई? — यह सवाल भी पत्रकार परिषद में उठाया गया। मात्र चुनाव जीतने के लिए यह शगूफा गढ़ा गया था l
घरों को न तोड़े जाने का खोखला दावा!
. हितेंद्र ठाकुर दावा करते हैं कि 35 वर्षों में घर नहीं तोड़े गए, लेकिन 41 इमारतें बनाने वाले सीताराम गुप्ता किस पार्टी के नगरसेवक थे? इन इमारतों पर टैक्स लगाते समय सत्ता किसकी थी? 41 इमारतें गिराने की साजिश किसने रची? — इसका जवाब देने की चुनौती भाजपा ने दी। इस चुनाव में बहुजन विकास आघाड़ी के कुछ नगरसेवक उम्मीदवार अवैध निर्माण मामलों में जेल भी गए। उनका ‘आका’ कौन है, यह भी स्पष्ट किया जाए — ऐसी मांग भाजपा ने की।
420 एम एल डी पानी देने का बयान निराधार
. हितेंद्र ठाकुर कहते हैं कि वसई-विरार को 420 एमएलडी पानी दिया गया, लेकिन वर्षों से केवल चुनिंदा बिल्डरों की इमारतों को ही पानी मिलता है। 52 गांवों के निवासी 800 से 1000 टीडीएस वाला पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। ग्लोबल सिटी में वर्षों तक पानी नहीं था, वहां पहली बार विधायक राजन नाईक के प्रयासों से जलापूर्ति शुरू हुई। टैंकर माफिया के कारण वहां पानी नहीं पहुंचता था — ऐसा आरोप भाजपा नेताओं ने लगाया।
आरक्षित 816 भूखंडों का “श्रीखंड”कौँ खाया?
. सिडको के लेआउट में आरक्षित 872 भूखंडों में से केवल 56 भूखंडों का कुछ हिस्सा मनपा को मिला। इतने वर्षों तक मनपा में एस्टेट विभाग ही नहीं था। शेष 816 भूखंड आखिर कहां गए? — यह सवाल पत्रकार परिषद में उठाया गया।
ठाकुरों के शासनकाल में ही 5 लाख परिवारों पर जुर्माना सहित कर क्यों?
. वसई-विरार की 10 लाख संपत्तियों में से लगभग 5 लाख अवैध संपत्तियों पर जुर्माने सहित टैक्स (शास्ती) लगाया गया। इन 5 लाख परिवारों पर से शास्ती हटाने के लिए बहुजन विकास आघाड़ी के शासनकाल में कोई प्रयास नहीं किया गया — ऐसा आरोप भाजपा ने किया है ।
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