प्रभाग क्रमांक 18 के मतदाताओं का सवाल
भायंदर। टिकट न मिलने पर भाजपा के पूर्व नगरसेवक विजय राय ने शिवसेना का दामन पकड़ लिया है। शिवसेना ने उन्हें उसी वार्ड में तीर धनुष चलाने को कहा है, जहां से जनता ने उन्हें कमल पर बैठाकर नगरसेवक बनाया था। विजय राय भूल गए कि पिछले चुनाव में जनता ने उन्हें जो जन समर्थन दिया था, वह भाजपा प्रत्याशी के नाते दिया था ना कि विजय राय के नाते। प्रभाग क्रमांक 18 की जनता अब उनसे पूछ रही है कि उनकी राय लिए बिना उन्होंने पाला कैसे बदल लिया? एक मतदाता ने तो यहां तक कह दिया कि जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दी और नगरसेवक बनाया, अब भस्मासुर की तरह उसी पार्टी को हराने की सुपारी ले ली है। भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा कि भाजपा में रहते हुए भी वे शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। उनके खराब ट्रैक रिकार्ड को देखते हुए उनका टिकट काटा गया। भाजपा के एक पदाधिकारी की माने तो विजय राय के प्रचार से शिवसेना और कमजोर हो गई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा के भगोड़ों को शिवसेना अपना हीरो बनाकर पेश कर रही है।
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