हिंदू धर्म जानने के लिए स्वाध्याय जरूरी- मुकेश कुमार सिंह



मीरा रोड। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इडेन रोज़ परिसर में हिंदू महासभा द्वारा भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिने जगत के ख्यातिलब्ध निदेशक मुकेश कुमार सिंह थे। समारोह की अध्यक्षता अशोक शुक्ल ने की। संघ की ओर से प्रमुख वक्ता के रूप में विधान शैतानसिंह राजपुरोहित उपस्थित थे। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उत्सव में मातृशक्तियों द्वारा लेजिम नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा "वसुधैव कुटुंबकम्" पर आधरित नाटिका की प्रस्तुति छात्रों द्वारा की गई। इस अवसर पर बच्चों को भारतमाता का चित्र और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। जहाँ सुमी ने अपने सुमधुर कंठ से भजन प्रस्तुत किए वहीं श्री अपर्णा शर्मा ने दैनिक जीवन से संबंधित पंच-परिवर्तन पर अपनी बात रखी। चर्चित कवि सुरेश मिश्र ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों को खूब गुदगुदाया । उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी से "एक" रहने की अपील की।अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में अशोक शुक्ल ने बताया कि बच्चों का संस्कारित करना माता-पिता की पहली जिम्मेदारी है। हमें दैनिक जीवन की नागरिक जिम्मेदारियों को कभी नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश कुमार सिंह ने स्वाध्याय पर बल देते हुए कहा कि बिना स्वाध्याय के भारतीय संस्कृति पर होने वाले हमलों को नहीं रोका जा सकता। मात्र पूजा-अर्चना और व्रत-उपवास ही नहीं धर्म है। इसे समझने के लिए आर्य ग्रंथों का अध्ययन जरूरी है। नवघर नगर के सह कार्यवाह विधान राजपुरोहित ने संघ के अनुशासन, धैर्य और संयम को रेखांकित किया। इस अवसर पर श्री अजित उपाध्याय और माधव पाण्डेय ने भी अपनी बात रखी। शहर के उद्यमी, लेखक, शिक्षक आदि विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य इस भव्य समारोह में उपस्थित थे। संपूर्ण राष्ट्रगीत से सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय ने कार्यक्रम का आद्यांत संचालन किया।

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