लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं



मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।

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