वसई: युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन द्वारा “ड्रग फ्री वसई–विरार” अमली पदार्थ विरोधी जनजागृति अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं नागरिकों को एक सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने अपने संबोधन में नशे के सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता, अनुशासन और समाज की सहभागिता से ही नशे जैसी गंभीर चुनौती का प्रभावी रूप से सामना किया जा सकता है।
इस अवसर पर आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने उपस्थित नागरिकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं तथा वसई–विरार को नशामुक्त बनाने के अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि जनजागृति और सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है।
यह अभियान यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं आयोजक मनोज शांडिल्य के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उन्होंने संस्था की ओर से युवाओं को सशक्त बनाने तथा सामाजिक परिवर्तन हेतु जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से भाजपा नगरसेवक अशोक शेलके (ग्रुप लीडर), अभय कक्कड़, विशाल जाधव, कल्पना नागपुरे, पिंकी सिंह राठौर, बहुजन विकास आघाड़ी के नगरसेवक निलेश देशमुख (आरोग्य विभाग), अमित ओमप्रकाश दुबे, सुरेंद्र मिश्रा ( अध्यक्ष, राघवेंद्र सेवा मंच ), डॉ. पीयूष सिंह, अंकित मिश्रा, विनीत सिंह, सुमित विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय नागरिकों से एकजुट होकर यह संदेश जन–जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया “ड्रग्स को ना कहें – जीवन को चुनें, बेहतर भविष्य अपनाएं।”
अंत में यूथ आइकॉन्स फाउंडेशन ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों द्वारा शपथ लेकर नशामुक्त वसई–विरार के निर्माण हेतु निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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