मुंबई। भारतीय जनता युवा मोर्चा, मुंबई के तत्वावधान में आज सांताक्रुज (पूर्व) स्थित 'पब्लिक हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज' में एक भव्य 'विद्यार्थी सम्मेलन' का सफल आयोजन भाजपा मुंबई अध्यक्ष विधायक अमित साटम के मार्गदर्शन और भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष दीपक सिंह के नेतृत्व में किया गया। यह विशेष अधिवेशन राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती के गौरवमयी अवसर पर आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के राष्ट्र निर्माण और जनहित में किए गए योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन और 'सरस्वती वंदना' के साथ अत्यंत गरिमामय माहौल में हुआ। इस अवसर पर भाजपा मुंबई महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी, मुंबई के कोने-कोने से भारी संख्या में आए युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा मुंबई महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी एवं भाजयुमो मुंबई के अध्यक्ष दीपक सिंह ने युवाओं का मार्गदर्शन किया और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के कार्यों के बारे में एवं आधुनिक युग में डिजिटल शिक्षा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वक्ता आचार्य पवन त्रिपाठी ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की आत्मा थे। उन्होंने ही देश को 'एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' का सिंहनाद देकर अखंड भारत का संकल्प जगाया था। आज कश्मीर से धारा 370 का हटना और देश का पूरी तरह एकीकृत होना, डॉ. मुखर्जी के उसी ऐतिहासिक संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस भव्य विद्यार्थी सम्मेलन के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय भावना से जोड़ना एक सराहनीय कार्य है। डॉ. मुखर्जी का जीवन और भाजयुमो मुंबई का यह प्रयास हर युवा को यही सीख देता है कि राष्ट्रहित से ऊपर कुछ भी नहीं है।" इस अवसर पर भाजयुमो मुंबई अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि आज का भारत तकनीक और डिजिटल क्रांति के दम पर वैश्विक पटल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। डॉ. मुखर्जी के कारण ही कश्मीर से परमिट राज खत्म हुआ और अब हमारे गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया ल, जिससे आज सभी भारतीय कश्मीर की धरती पर आसानी से आ जा सकते हैं। आज के इस विद्यार्थी सम्मेलन के माध्यम से हमारा उद्देश्य युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनमें राष्ट्रवाद की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक अखंड भारत और सशक्त युवा पीढ़ी का जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए युवा मोर्चा पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्रों और कार्यकर्ताओं का यह अपार उत्साह देखकर मुझे पूरा विश्वास है कि हम सब मिलकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। सम्मेलन में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते अवसरों, नई शिक्षा नीति और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकारी योजनाओं पर भी विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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