पुस्तकालय शांत वातावरण में ज्ञान प्राप्त करने का सर्वोत्तम साधन : लल्लन तिवारी


भायंदर। पुस्तकालय ज्ञान का मंदिर है। यह वह स्थान है जहाँ विभिन्न विषयों की अनगिनत पुस्तकें, पत्रिकाएँ और अन्य अध्ययन सामग्री सुरक्षित रखी जाती है। पुस्तकालय का महत्व छात्रों, शोधकर्ताओं और आम लोगों के जीवन में बहुत अधिक है क्योंकि यह निःशुल्क और शांत वातावरण में ज्ञान प्राप्त करने का सबसे अच्छा साधन है। मीरा रोड स्थित श्री एल आर तिवारी कॉलेज ऑफ़ लॉ में लाइब्रेरी का उद्घाटन करते हुए राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिव पूजन पांडे, महाविद्यालय के प्राचार्य, डिग्री कॉलेज के प्राचार्य, जूनियर कॉलेज के प्राचार्य, विधि महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, प्रशासनिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों ने नई लाइब्रेरी का अवलोकन किया तथा विधि विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अध्ययन सुविधाओं की सराहना की। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि कानून के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि उनके ज्ञान, शोध एवं व्यावसायिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। आधुनिक एवं समृद्ध लाइब्रेरी विद्यार्थियों को अपने विषय का गहन अध्ययन करने, न्यायिक निर्णयों एवं विधिक साहित्य का अध्ययन करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं एवं भविष्य के विधिक व्यवसाय की तैयारी में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने इस अवसर पर कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना महाविद्यालय की प्राथमिकता है। नई लाइब्रेरी की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी इस सुविधा का अधिकतम उपयोग कर अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक ज्ञान को और मजबूत करेंगे। नई लाइब्रेरी के उद्घाटन के साथ श्री एल. आर. तिवारी कॉलेज ऑफ लॉ ने अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर अध्ययन एवं शोध सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। यह नई सुविधा आने वाले समय में विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन, विधिक अनुसंधान तथा उनके समग्र शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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