जौनपुर। मध्यकालीन भारत, खासकर 14वीं–15वीं सदी में शिक्षा, कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहे जौनपुर का सिद्धार्थ उपवन शनिवार की शाम को किसी दुल्हन की तरह सजा हुआ था। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री तथा जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह द्वारा आयोजित कजरी महोत्सव में उपस्थित पूर्वांचल की अनेक जानी-मानी हस्तियों के बीच मुंबई से आए एक युवा लोक गायक सुरेश शुक्ला ने कजरी की सभी विधाओं से जुड़े ऐसे गीत गाये कि वहां उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा– वाह! सुरेश शुक्ला। कार्यक्रम में उपस्थित पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश सिंह को कहना पड़ा कि अगली बार पिंडरा महोत्सव में सुरेश शुक्ला को अभी से आमंत्रित कर रहा हूं। देखा जाए तो सुरेश शुक्ला पूर्वांचल की मिट्टी से ही निकले एक ऐसे गायक हैं, जिनके गीतों में मिट्टी की खुशबू और भारतीय संस्कृति झलक साफ दिखाई देती है। सुल्तानपुर जनपद स्थित बिजेथुआ धाम के पास पैदा हुए सुरेश शुक्ला कॉलेज लाइफ से ही संगीत को लेकर सबकी जुबान पर रहते थे। मुंबई आए हीरो बनने, कुछ फिल्मों में काम भी किया, परंतु ईश्वर ने उन्हें मधुर स्वरों का उपहार देकर भेजा था। टीवी सीरियल – बालिका वधू,न आना इस देस मेरी लाडो, अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो,तेरे मेरे सपने आदि में गायक संगीतकार के रूप में अपनी आवाज दी है। भोजपुरी फ़िल्म – तोहसे प्यार बा, मोर्चाबन्दी, गोधन गुलाब थियेटर,नैनों की जोती, विवाह 2, पियरी आदि फिल्मों में गायन भी किया है। भक्ति चैनल–संस्कार, सत्संग, आस्था, सोहम आदि पर इनके गाए भजन प्रसारित होते रहते हैं। भोजपुरी चैनल– दबंग,महुवा, बिग मैजिक, गंगा सिनेमा,भोजपुरी आदि चैनलों पर इनके गाने प्रसारित होते रहते हैं। सुरेश शुक्ला को अब तक तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों उत्तर कलाश्री सम्मान, उत्तर प्रदेश सरकार सम्मान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ समारोह में गायन कर चुके सुरेश शुक्ला उस समय के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के हाथों सम्मान प्राप्त किया। वर्ष 2026 में हिंदी दिवस के अवसर पर मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के हाथों लोकविधा के लिये सम्मानित किए गए।
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