1,08,00,000 श्री नवकार महामंत्र सामूहिक जाप की भव्य पूर्णाहुति



मुंबई । श्री प्रगट प्रभावी श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासरजी, प्रार्थना समाज, मुंबई में अध्यात्म, भक्ति एवं मंत्रसाधना के पावन संगम के रूप में 1,08,00,000 (एक करोड़ आठ लाख) श्री नवकार महामंत्र सामूहिक जाप की भव्य पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में श्री नवकार महामंत्र गुणगान, अनुष्ठान पूर्णाहुति तथा भावपूर्ण बहुमान समारोह का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं एवं भाविक भक्तों ने सहभागी होकर नवकार महामंत्र की सामूहिक आराधना का लाभ लिया। इस पावन अवसर पर संयम सम्राट एवं प्रसिद्ध प्रवचनकार प.पू. आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी म.सा., प.पू. मुनिराज श्री महाप्रभविजयजी म. तथा प.पू. मुनिराज श्री श्रीप्रभविजयजी म., सहित प.पू. साध्वीजी श्री तत्त्वदर्शना श्रीजी म.सा. आदि ठाणा का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। गुरु भगवंतों के मंगलमय सान्निध्य एवं आशीर्वाद से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। श्री नवकार महामंत्र जैन धर्म की परम पवित्र आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है। करोड़ों मंत्र जाप की इस सामूहिक आराधना में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागी होकर नवकार महामंत्र के जाप के माध्यम से आध्यात्मिक शांति एवं ऊर्जा का अनुभव किया। भव्य अनुष्ठान की पूर्णाहुति के अवसर पर नवकार महामंत्र के महात्म्य एवं गुणों का गुणगान किया गया। श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक आराधना करते हुए सामूहिक जाप में सहभागिता निभाई। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे प्रार्थना समाज का पूरा परिसर नवकार महामंत्र की भक्तिध्वनि से गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर सामूहिक जाप में सहभागी बने साधकों, भाविकों तथा विभिन्न रूपों में अपना योगदान देने वाले भाग्यशाली श्रावक-श्राविकाओं का भावपूर्ण बहुमान किया गया। श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह तथा जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष श्रीमती अल्पा संजय शाह सहित ट्रस्टियों द्वारा श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का बहुमान किया गया। वहीं श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासरजी के ट्रस्टियों द्वारा भी भाविकों एवं सहयोगियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर जेसर निवासी मुकेशभाई मगनलाल दोशी परिवार भी सहभागी बना तथा श्रीमती हर्षाबेन मुकेशभाई दोशी ने बहुमान का लाभ लिया। इस अवसर पर जयेशभाई लब्धी, संजय बिपिनचंद्र शाह, विलासभाई शाह, श्रेणिकभाई शाह, शिल्पाबेन लब्धी, श्रीमती अल्पाबेन संजय शाह, कौशलकुमार, क्रीना बहन, धनवीर, अंकितकुमार, ध्वनीबेन, अशेष, दिव्यान सहित समाज के अनेक अग्रणी, श्रावक श्राविकाएं एवं भाविक भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 1,08,00,000 नवकार महामंत्र जाप की पूर्णाहुति का यह पावन प्रसंग समस्त जैन समाज के लिए श्रद्धा, साधना एवं आध्यात्मिक प्रेरणा से परिपूर्ण एक यादगार अवसर बनकर रहा।

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