उद्योग और राजनीति जगत के दिग्गज रहेंगे मौजूद
मुंबई। राष्ट्रीय हिंदी दैनिक 'यशोभूमि' के संपादक श्रीनारायण तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हे आज का कर्मवीर अवार्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह श्रीनारायण तिवारी को मीडिया (प्रिंट) कटेगरी में दिया जाएगा। इस अवसर पर उद्योग और राजनीति जगत के दिग्गज भी मौजूद रहेंगे। इस भव्य अवार्ड समारोह का आयोजन 27 सितम्बर को "द वास्तीन गोरेगाँव पूर्व,मुंबई" में किया जा रहा है। यह जानकारी आज का कर्मवीर अवार्ड सोशल् फाउंडेशन के निदेशक जेम्स डिसुजा ने दी है। आपको बतादें कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीनारायण तिवारी को पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैँ। जिसमें गऊ भारती समारोह आदि भी शामिल है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित बदलापुर तहसील के जगजीवन पट्टी के मूल निवासी श्रीनारायण तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान मिलने पर कई सामाजिक संस्थाओं ने उन्हें बधाई दी है। अखंड राजपूताना सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह ने दैनिक यशोभूमि के संपादक श्रीनारायण तिवारी को बधाई दी है।
तिवारी पिछले 41 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। श्रीनारायण तिवारी ने जौनपुर जिले के शाहगंज से प्रकाशित राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक 'वादरायण' से सन् 1984 से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। विभिन्न साप्ताहिकों व दैनिकों में काम करते हुए उन्हें सन् 1988 में मुंबई से प्रकाशित हुए राष्ट्रीय हिंदी दैनिक जनसत्ता में स्टाफ रिपोर्टर के रूप में सेवा करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, फिर सन् 2003 से "लोकमत समचार" में बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में सेवाएं दी। लोकमत समाचार से जुड़ने के थोड़े ही दिन बाद उन्हें समूचे 'लोकमत समूह' के लिए विशेष संवाददाता के रूप में काम करने का सुअवसर मिल गया। उसके बाद हिंदी दैनिक 'दबंग दुनिया', हिंदी दैनिक 'एब्सल्यूट इंडिया', हिंदी दैनिक 'पूर्ण विराम', हिंदी दैनिक 'जागरूक टाइम्स' में स्थानीय संपादक, संपादक और कार्यकारी संपादक के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया। इन दिनों वह राष्ट्रीय हिंदी दैनिक 'यशोभूमि' के संपादक हैं। तिवारी को धारदार रिपोर्टिंग व खोजी पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्हें खोजी पत्रकारिता के लिए अब तक अनेक पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं। वह लगातार मंत्रालय व राजनीतिक क्षेत्र की रिपोर्टिंग करते रहे हैं, इसलिए उनकी धारदार रिपोर्टिंग की चर्चा आज भी मंत्रालय में होती रहती है। रेलवे में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने और सतत १५ दिन तक उस मुद्दे को पकड़ कर रखने, फालोअप रिपोर्टिंग करके भ्रष्टाचार में संलिप्त आरोपियों पर अंजाम तक पहुंचाने तक साहस के साथ लिखते रहने के लिए उन्हें "गजानन आर्य साहसिक व खोजी पत्रकारिता पुरस्कार" से नवाजा गया था। इसके बाद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग( एमपीएससी ) में व्याप्त भ्रष्टाचार को हिंदी दैनिक "लोकमत समाचार", मराठी दैनिक "लोकमत" और अंग्रेजी दैनिक "लोकमत टाइम्स" एक साथ प्रकाशित करके भ्रष्टाचार पर नकेल कसा था। इसकी आलोअप स्टोरी तीनों भाषाओं लगातार १२ दिन छपी थी। जिसके चलते भ्रष्टाचार रुक गया था। बहुत सारे मगरमच्छों को सलाखों के पीछे जाने पर मजबूर होना पड़ा था। इस दौरान उन्हें पैसों का प्रलोभर, जान से मारने की धमकियां लगातार मिलती रहीं लेकिन वो टस से मस न हुए। तीनों भाषाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर हथौड़ा चलाते रहे। इसके बाद उन्हें पुरस्कारों व सम्मानों की श्रृंखला शुरु हो गई थी। श्रीनारायण तिवारी आज देश के जाने माने चुनिंदा संपादकों में से एक हैं। उनकी धारदार व पैनी संपादकीय, उनके दमदार लेखों की आज पूरे मीडिया जगत में चर्चाएं होती रहती हैं।
उनके नेतृत्व में दैनिक 'यशोभूमि' अखबार नित नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। यशोभूमि में 'नया तेवर, नया कलेवर' उनके नेतृत्व की ही देन है।
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