मनपा मुख्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन,
अधिकारियों-ठेकेदारों पर एफआईआर की मांग; दो दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विरार। वसई-विरार महानगरपालिका में कथित 38 करोड़ रुपये के कचरा घोटाले को लेकर बुधवार को भाजपा ने मनपा प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मनपा मुख्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर धरना-प्रदर्शन कर कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के विरोधी पक्ष नेता मनोज पाटिल ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मनपा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में कथित रूप से शामिल अधिकारियों, ठेकेदारों और कंसलटेंट कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई।
मनोज पाटिल ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी केवल ठेकेदार तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, बिलों को प्रमाणित करने वाली टंडन अर्बन सॉल्यूशन कंसलटेंट कंपनी के साथ-साथ संबंधित उपायुक्त, अतिरिक्त आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, अधिकारियों को निलंबित करने, प्रभार वापस लेने और विभागीय जांच कराने की मांग की।
पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि कथित गड़बड़ी की शुरुआत टेंडर प्रक्रिया से ही हुई थी। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच के साथ-साथ कमीशन के आरोपों की भी जांच किए जाने की मांग की।
भाजपा की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हालांकि, भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर मनपा प्रशासन, संबंधित कंसलटेंट कंपनी और ठेकेदार का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। आरोपों की वास्तविकता जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
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