संस्कृत शिक्षा का प्रकाश फैलाने वाले राज नारायण मिश्र को दी गई श्रद्धांजलि


जौनपुर। जनपद के महाराजगंज क्षेत्र के कोल गांव में प्रख्यात व्याकरणाचार्य एवं श्री उमा महेश्वर संस्कृत महाविद्यालय के संस्थापक पं. राज नारायण मिश्र की त्रयोदशी के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूपी रत्न पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी पहुंचे। उन्होंने पं. राज नारायण मिश्र की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि पं. राज नारायण मिश्र के निधन से समाज ने एक बड़े विद्वान, कर्मठ संस्थापक और व्याकरण के प्रकांड ज्ञाता को खो दिया है। उनका योगदान शिक्षा और संस्कृत के क्षेत्र में सदैव स्मरणीय रहेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने ब्राह्मण समाज की वर्तमान स्थिति पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि “आज ब्राह्मणों के आंसू पोछने वाला कोई नहीं है।” उन्होंने यूजीसी तथा आरक्षण सहित विभिन्न मुद्दों पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी और समाज की समस्याओं को गंभीरता से उठाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय एवं जौनपुर जिला अध्यक्ष रत्नाकर चौबे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में जिले के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, पूर्व न्यायाधीश शशिकांत पांडेय, पूर्व लोक सेवा आयोग सदस्य प्रो. आर.एन. त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता पं.अमर नाथ पाण्डेय, अजय त्रिपाठी, दिनेश मिश्रा, प्रबंधक, हरिश्चंद्र द्विवेदी, संजय सिंह, रविंद्र मिश्र, माताफेर मिश्रा सहित हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

Post a Comment

0 Comments