दुष्काळग्रस्त किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने के फैसले पर प्रज्ञा पाटील ने की देवाभाऊ की सराहना



भाजपा वसई-विरार जिलाध्यक्ष ने फडणवीस सरकार के निर्णय को बताया किसानों के लिए बड़ी राहत; दुष्काळ से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की अपील

वसई-विरार: महाराष्ट्र में पिछले पांच दशकों में नहीं देखे गए भीषण सूखे जैसी स्थिति के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्वारा किसानों के लिए विभिन्न राहत उपायों की घोषणा का भाजपा वसई-विरार जिलाध्यक्ष प्रज्ञा पाटील ने स्वागत किया है। उन्होंने दिवाली से पहले किसानों के खातों में 5,000 रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता जमा करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार का अभिनंदन किया।

प्रज्ञा पाटील ने कहा कि राज्य के 305 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बीच सरकार ने पानी, फसल और पशुओं के चारे की व्यवस्था के साथ किसानों को आर्थिक राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, इस निर्णय से राज्य के साढ़े तीन लाख परिवारों के लिए कर्जमाफी का रास्ता खुलने और संकटग्रस्त किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों पर कर्ज वसूली का दबाव बनाने वाली एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने और सूखे से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।

विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ, पशुओं के चारे की भी व्यवस्था

प्रज्ञा पाटील के मुताबिक, सूखाग्रस्त तालुकों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चारा उत्पादक फसलों की योजना बनाई जाएगी। साथ ही किसानों से उचित समर्थन मूल्य पर चारा खरीदने का निर्णय लेकर पशुधन को बचाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने किसानों से सूखे की चुनौती का सामना करने के लिए सरकार के साथ मिलकर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सूखा एक प्राकृतिक आपदा है और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। ऐसे गंभीर मुद्दे पर विपक्ष द्वारा राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कृषि पंपों की बिजली, किसान सम्मान निधि से राहत

प्रज्ञा पाटील ने कहा कि राज्य में साढ़े सात हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली, कर्ज वसूली के दबाव से राहत और किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता जैसे कदम किसानों के हित में हैं। इसके अलावा, राज्य की दो लाख से अधिक आंगनवाड़ी कर्मियों के परिवारों को 2,000 रुपये की भाऊबीज सहायता देने के फैसले को भी उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को सालाना 12,000 रुपये की सम्मान निधि दी जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई है। प्रज्ञा पाटील ने कहा कि किसानों के हित में महाराष्ट्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए।

कर्नाटक सरकार की सहायता पर भी उठाए सवाल

प्रज्ञा पाटील ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने सूखाग्रस्त किसानों के लिए 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता घोषित की है, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए केवल 2,500 रुपये की सहायता की घोषणा की है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में घोषित सहायता कर्नाटक की तुलना में दोगुनी है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कदम उठाए हैं, जबकि कर्नाटक सरकार केंद्र से सहायता मिलने की प्रतीक्षा कर रही है। ऐसे में वहां के किसानों तक घोषित सहायता समय पर पहुंचेगी या नहीं, इस पर सवाल खड़े होते हैं।

प्रज्ञा पाटील ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, नमो शेतकरी योजना, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्य की भागीदारी, कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत और दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि फडणवीस सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।

अंत में उन्होंने विपक्ष से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनता के हितों को प्राथमिकता देने और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सूखे की समस्या से स्थायी रूप से निपटने के संकल्प को समर्थन देने की अपील की।


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