मुंबई। शक्ति, भक्ति और संस्कारों के पावन पर्व नवरात्रि के अवसर पर महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित 65वां नवरात्रोत्सव धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बना। महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से जुड़े इस गरिमामय आयोजन में मां जगदंबा की आराधना, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ नारी शक्ति तथा बाल प्रतिभाओं के सम्मान को विशेष महत्व दिया गया। इस अवसर पर ज्वेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. संजय जीवनलाल शाह ने मां जगदंबा की आरती में सहभागिता की तथा राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा का सम्मान किया। समारोह में डॉ. शाह के साथ जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ. अल्पा संजय शाह ने भी सहभागिता निभाई। दोनों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों की सराहना की। विजेताओं को सम्मानित किए जाने से समारोह में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस पहल ने महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने तथा बच्चों की प्रतिभा को पहचान और प्रोत्साहन देने की महत्ता को रेखांकित किया। इस अवसर पर डॉ. संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि नवरात्रि केवल माँ दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का भी प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। इसलिए महिलाओं को सम्मान, समान अवसर और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और बच्चों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। जब प्रतिभाओं को उचित अवसर और उनकी उपलब्धियों को पहचान मिलती है, तब उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं। डॉ. अल्पा संजय शाह ने महिला सशक्तिकरण और बाल प्रतिभाओं के सम्मान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना तथा बच्चों की रचनात्मकता, कौशल और प्रतिभा को निखारना उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मां जगदंबा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की मंगलकामना की। डॉ. अल्पा शाह ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं को समान अवसर मिलें, बच्चों को अपनी प्रतिभा विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिले और प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने माँ जगदंबा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की मंगलकामना की। समारोह ने यह संदेश दिया कि भारतीय त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज को जोड़ने, प्रतिभाओं को पहचानने, महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का प्रभावशाली माध्यम भी हैं। इस गरिमामय अवसर पर राज्यपाल के जनसंपर्क अधिकारी उमेश काशीकर, राजभवन नवरात्रोत्सव मंडल के अध्यक्ष शैलेश बेंद्रे, मंडल कार्यकर्ता शुभम बेंद्रे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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