श्रीमद् भागवत ईश्वर के प्रति भक्ति, ज्ञान और वैराग्य प्रदान करता है : अजय महाराज



जौनपुर। श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य जीव को सांसारिक मोह-माया से मुक्त कर ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति, ज्ञान और वैराग्य प्रदान करना है। इसे वेदों और उपनिषदों का सार माना गया है। यह कथा मनुष्य के मन को निर्मल करती है और उसे मोक्ष की ओर ले जाती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित सियरावासी गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा मैं ब्याह स्पीड से बोलते हुए काशी के प्रख्यात कथावाचक अजय महाराज (गुरु जी) ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि ईश्वर के अलावा कहीं भी मन लगाया तो अंत में पछताना ही पड़ेगा। 01 जून से आरंभ कथा का समापन 08 जून को महाप्रसाद भंडारा के साथ संपन्न होगा। प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक भारी संख्या में लोग कथा सुनने आ रहे हैं। कथा के संयोजक सुभाषचंद्र तिवारी ने लोगों से कथा श्रवण का लाभ उठाने की अपील की है। कथा में उपस्थित गणमान्य लोगों में भाजपा की जिला कार्य समिति सदस्य सुचिता तिवारी, डॉ श्रीपाल पांडे, अमरनाथ तिवारी, राम अनंद पांडे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, अखिलेश पांडे, डॉ विजय शंकर तिवारी, श्रवण कुमार तिवारी, राजकुमार तिवारी, ध्रुव शंकर तिवारी, समाजसेवी डी एस तिवारी , राधेश्याम तिवारी आदि का समावेश रहा।

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