मस्जिदों में बैठकों को लेकर मंगल प्रभात लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों से की शिकायत



मुंबई। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्र में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के संबंध में महाराष्ट्र के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री तथा मलबार हिल के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने आज विल्सन कॉलेज में मालाबार हिल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बालासाहेब वाघचौरे से भेंटकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर मंत्री लोढ़ा ने चुनाव अधिकारियों को शिकायत प्रस्तुत की कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मस्जिदों में जाकर एक विशेष समुदाय के नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए बैठकें आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अनुचित रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने इस मामले की तत्काल जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। मंत्री लोढ़ा ने जानकारी दी कि चुनाव अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है तथा इस विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि कुछ लोग दोहरे पंजीकरण (डबल रजिस्ट्रेशन) का प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न राज्यों में उनके नाम मतदाता के रूप में दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसा षड्यंत्र उजागर हुआ था, जिसके बाद वहां से 97 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। लेकिन यहां इस प्रकार का दोहरा पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी कारण इसका रास्ता निकालने के लिए बूथ लेवल अधिकारी अथवा अन्य अधिकारियों की सहायता से मस्जिदों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। नागरिकों की सतर्कता के कारण यह मामला सामने आया है। यहां यह गतिविधि बंद हो गई हो सकती है, लेकिन हमें जानकारी मिली है कि अन्य स्थानों पर यह अभी भी जारी है। एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में मालाबार हिल के नागरिकों ने विभिन्न मांगें रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग यह है कि जो नागरिक वर्तमान में अस्थायी रूप से अन्यत्र रह रहे हैं, उनका मतदाता पंजीकरण एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके अस्थायी पते पर स्थानांतरित न किया जाए, बल्कि उनके स्थायी पते पर ही बनाए रखा जाए। उनका कहना है कि अस्थायी पता केवल सीमित अवधि के लिए होता है और संबंधित नागरिक भविष्य में पुनः अपने स्थायी निवास पर लौटेंगे। यदि उनका मतदाता पंजीकरण अस्थायी पते पर किया जाता है, तो भविष्य में उन्हें पुनः पता परिवर्तन की अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इन तथा अन्य मांगों के संबंध में श्री लोढ़ा ने नागरिकों की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि, “हमारी मांग है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमबद्ध तरीके से संचालित की जाए। किसी भी पात्र मतदाता के साथ अन्याय न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जर्जर इमारतों, पुनर्विकास परियोजनाओं तथा एसआरए परियोजनाओं के कारण अनेक नागरिक अपने मूल निवास स्थान से दूर रह रहे हैं। उनका पंजीकरण या तो नहीं हुआ है अथवा अन्य स्थानों पर हो गया है। यह समस्या केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में मौजूद है। ऐसे नागरिकों को उनके अस्थायी पते पर सूचना भेजना, विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करना अथवा उनके लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराना जैसी पहलें तत्काल की जानी चाहिए। साथ ही, मतदाता सत्यापन के लिए नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO/BLA) को अभी तक आधिकारिक मान्यता अथवा संबंधित प्राधिकरण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्हें आवश्यक दस्तावेज यथाशीघ्र उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

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