जौनपुर। रेगिस्तान की भीषण गर्मी और ग्लेशियर में कड़ाके की ठंडी के बीच भी देश की सीमाओं पर दिन रात डटे रहने वाले वीर सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का सबसे पहला कर्तव्य है। उनके अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान के कारण ही हम अपने घरों में सुरक्षित और स्वतंत्र जीवन जी पाते हैं। गोधना स्थित अपने आवास कैलाशपति पर अखिल भारतीय पूर्व सेना परिषद जौनपुर के जिला अध्यक्ष कैप्टन देवेंद्र सिंह और बदलापुर तहसील अध्यक्ष नायब सूबेदार सुनील शुक्ला का सम्मान करने के बाद उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा सैनिकों के साहस, अनुशासन और समर्पण पर निर्भर करती है। वे सीमाओं के प्रहरी होते हैं जो किसी भी बाहरी खतरे या आंतरिक संकट से देश की रक्षा करते हैं। उनके निस्वार्थ बलिदान के कारण ही नागरिक अपने घरों में सुरक्षित और चैन की नींद सोते हैं। उन्होंने कहा कि देश की असली हीरो हमारे वीर सैनिक हैं। हमें जहां भी सैनिक नजर आए हमें उनका बढ़ चढ़कर सम्मान करना चाहिए। साथ ही अपने बच्चों को भी उनके त्याग, बलिदान और शौर्य की बातें बतानी चाहिए, ताकि वह उनसे प्रेरणा ले सकें। सैनिकों का सम्मान राष्ट्रप्रेम का सम्मान है।
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