मुंबई: महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मुंबई के वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. दिनेश प्रताप सिंह को लखनऊ में कृष्ण प्रताप सिंह स्मृति राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सी.एम.एस. सभागार में आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुँवर मानवेंद्र सिंह द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। दिनेश प्रताप सिंह को यह सम्मान भारतीय संस्कृति और लोक परम्परा के क्षेत्र में साहित्य सृजन के माध्यम से उनके विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया है। इस अवसर पर दिनेश प्रताप सिंह के साथ ही समाजसेवा, चिकित्सा, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, साहित्य, कला इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाली विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह की संयोजिका लोकसाहित्य की विदुषी पद्मश्री डा. विद्याविन्दु सिंह ने अपने परिचयात्मक सम्बोधन में लोक साहित्य, लोक परंपरा, लोक जीवन और लोकोत्सव पर विशेष योगदान देने के लिए दिनेश प्रताप सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में "पुण्य स्मरण धर्म" पर अपने व्याख्यान में हिंदी के विद्वान लेखक एवं सम्मान समारोह के अध्यक्ष प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित ने कहा कि अपने पितरों का पुण्य स्मरण करना उनके प्रति अपनी आस्था और भक्ति प्रकट करना है। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने साहित्य सृजन और अनुवाद के ज़रिये भारतीय भाषाओं को समृद्ध करने में योगदान के लिए दिनेश प्रताप सिंह के कार्यों का उल्लेख करते हुए उनकी प्रशंसा की। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित इस सम्मान समारोह में विधान परिषद के सदस्य पवन सिंह चौहान, सुशांत विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जयशंकर मिश्र, पर्यटन मंत्रालय के सलाहकार जयप्रकाश सिंह, उद्यमी बालेन्द्र प्रताप सिंह, अ. भा. साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री पवनपुत्र बादल, साहित्यकार विजय त्रिपाठी, प्रो.बलजीत श्रीवास्तव, गायत्री देवी, रेमीरानी सिंह सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार, कलाप्रेमी और गणमान्य उपस्थित थे।
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