वसई-विरार। वसई-विरार शहर महानगरपालिका में सामने आए ₹64 करोड़ के कथित कचरा घोटाले को लेकर दर्ज एफआईआर की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी मामले को लेकर आज एक प्रतिनिधिमंडल ने मीरा-भाईंदर, वसई-विरार के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक से मुलाकात कर मामले की जांच को लेकर विस्तृत चर्चा की।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल की ओर से मांग की गई कि कथित घोटाले से जुड़े आर्थिक लेन-देन, महानगरपालिका के दस्तावेज, ठेके से संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच की जाए। साथ ही जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करते हुए मामले की वास्तविकता जनता के सामने लाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति, अधिकारी, ठेकेदार अथवा संबंधित पक्ष की भूमिका या जिम्मेदारी कानूनी रूप से सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मामले की जांच EOW को सौंपे जाने की जानकारी के बाद अब जांच की दिशा और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की जांच के बाद ही कथित गैरव्यवहार की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस अवसर पर नालासोपारा विधानसभा के विधायक राजन नाईक,जिलाध्यक्ष प्रज्ञा पाटील, विरोधी पक्ष के नेता मनोज पाटील, गटनेता अशोक शेळके और नगरसेवक नीलेश चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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