धूमधाम से मनाया गया श्री अंबिका योगाश्रम का 26वां स्थापना दिवस



भिवंडी। भिवंडी तालुका के लाखीवली गांव में प्रकृति की गोद में स्थित अंबिका योगाश्रम परिसर में “श्री अंबिका योगाश्रम का 26वां स्थापना दिवस” गुरुवार, दिनांक 25 दिसंबर 2025 को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अत्यंत भक्ति भाव और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस स्थापना दिवस समारोह में महाराष्ट्र भर में फैली श्री अंबिका योगाश्रम की विभिन्न शाखाओं से 700 से 800 योग साधक एवं योग शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था के प्रमुख कार्यवाह श्री विनायक देसाई गुरुजी, वरिष्ठ योग शिक्षक श्री एवं सौ. कर्पे, तथा अंबिका हेल्थकेयर प्रोडक्शन के प्रमुख श्री पै की प्रमुख उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी योग साधकों एवं योग शिक्षकों द्वारा एकत्र होकर गायत्री मंत्र का 108 बार सामूहिक जाप करने से हुई। इसके पश्चात वातावरण को शुद्ध और ऊर्जावान बनाने वाला ओंकार नाद किया गया, जिससे पूरा आश्रम परिसर आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
इसके बाद नई बैच के कुछ योग साधकों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने योग साधना से पहले और बाद में अपने शारीरिक, मानसिक तथा व्यावहारिक जीवन में आए सकारात्मक बदलाव, योगाश्रम द्वारा निःशुल्क योग शिक्षा देने की सेवाभावी भावना से मिली प्रेरणा, तथा महाराष्ट्र की विभिन्न शाखाओं के योग साधकों और शिक्षकों के बीच मौजूद आपसी प्रेम और सौहार्द के बारे में भावपूर्ण अभिव्यक्ति की। उनके इन अनुभवों से उपस्थित सभी लोगों को प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हुई।
इस समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण रहा ‘योग शिक्षक पदवीदान 2025 समारोह। अंबिका योगाश्रम में लगातार दो वर्षों का योग प्रशिक्षण पूर्ण कर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नए योग शिक्षकों को मान्यवरों के हाथों योग शिक्षक की पदवी प्रदान की गई। इस अवसर पर श्री विनायक देसाई गुरुजी ने संस्था के समग्र कार्यों की जानकारी देते हुए योग शिक्षा पर अमूल्य मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम स्थल पर आनंद और गर्व का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित स्नेहभोजन में योग साधकों और योग शिक्षकों ने आपस में खुलकर संवाद किया, प्रश्नोत्तर हुए और अनुभवों का आदान-प्रदान किया। इसी दौरान अंबिका योगाश्रम के आयुर्वेदिक, रसायन-मुक्त हेल्थकेयर उत्पादों की नाममात्र दरों पर प्रदर्शनी एवं बिक्री भी की गई, जिसे उपस्थित लोगों से अच्छा प्रतिसाद मिला।
साथ ही संस्था के प्रमुख कार्यवाह श्री विनायक देसाई गुरुजी द्वारा लिखित ‘अनुपथ’ नामक पुस्तक, जो योगशास्त्र का सार बताती है और शास्त्रोक्त योग को दैनिक जीवन में सहज रूप से अपनाने का मार्गदर्शन करती है, बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई, जिसे भी अत्यंत अच्छा प्रतिसाद प्राप्त हुआ।
प्रकृति के सान्निध्य में योग, सेवा और साधना का संगम बना श्री अंबिका योगाश्रम का यह 26वां स्थापना दिवस सभी उपस्थितों के लिए प्रेरणादायी, स्मरणीय और ऊर्जादायक सिद्ध हुआ।

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