मीरा भायंदर में महायुती से शिवसेना की बल्ले बल्ले!–शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार



भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में तमाम अंतर विरोधों के बावजूद महायुति की संभावना बढ़ती दिख रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा जारी भाजपा और शिवसेना समन्वयक की सूची से ऊपरी स्तर पर महायुति को बल मिल रहा है। शिवसेना महायुति के लिए पूरी ताकत लगा रही है,जबकि भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता किसी भी कीमत पर महायुति नहीं चाह रहे हैं। ऐसे में महायुति को लेकर मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो महायुति होने से सबसे ज्यादा फायदा शिवसेना को होगा और सबसे अधिक नुकसान उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) का होगा। शिवसेना को भाजपा के परंपरागत वोटो के साथ-साथ मराठी मतदाताओं का भरपूर वोट मिलेगा। ऐसे में उनके नगरसेवकों की संख्या बढ़नी तय मानी जा रही है। दूसरी तरफ भाजपा की बात करें तो महायुति की दशा में उन्हें गैर परंपरागत भाजपा मतदाताओं के वोटो का नुकसान हो सकता है।

शिवसेना के दोनों धड़ों के मतदाता खुद को शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे का सैनिक मानते हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशियों को शिवसेना के परंपरागत मतों से हाथ धोना पड़ सकता हैं।राजनीतिक जानकारों की माने तो भाजपा की सीटों पर यूबीटी ताकतवर बन सकती है। ऐसे में बीजेपी की सीटें घट सकती हैं। विधायक नरेंद्र मेहता को इस बात का अंदाजा है ,यही कारण है कि वे लगातार महायुति का विरोध कर रहे हैं। महायुति होने से भाजपा को टिकट न मिलने वालों के विरोध का भी नुकसान उठाना पड़ सकता हैं।महायुति होने से भाजपा जिन स्थानों पर नहीं लड़ेगी,वहां से शिवसेना भाजपा के ही स्थानीय बड़े चेहरों को टिकट देकर उसे कमजोर कर सकती है।

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