मुंबई। मुंबई पब्लिक स्कूल हिंदी शाला क्रमांक 1, सुमेर नगर,बोरीवली (पश्चिम) में आज डिजिटल माध्यम झूम ॲप द्वारा अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया गया | 21 वी सदी मे तंत्रज्ञान और संगणक युग मे विविध देशो का आदिवासी समाज उपेक्षित है | गरिबी, अज्ञानता, आरोग्य सुविधाओ का अभाव जैसी अनेक समस्याए है | आदिवासीयोको को बढावा देने के लिए जागतिक आदिवासी दिवस 1994 से मनाया जाने लगा |
आदिवासिओ की चित्रकला, हस्तकला, शिल्पकला , नृत्यकला बहुत ही सराहनीय है | आदिवासीयोने ही जंगल का रक्षण किया है और जंगलो का समतोल बनाये रखा है | पोईसर मनपा हिंदी शाला क्रमांक 1 सुमेर नगर मे हमेशा ऐसे ही अनोखे उपक्रम मनाये जाते है | शाला के सभी शिक्षकोने महाराष्ट्र के अनेक जीलो की संस्कृती , त्योहार , पोशाख, कला , रूढी-परंपरा, निवास , औजार , खानपान , वेशभूषा, कलाकारी , क्रांतिकारी देशसेवक सभी विषयो पर प्रकाश डाला| उल्लेखनीय बात यह की, शिक्षको ने आदिवासी वेशभूषा परिधान करते हुए प्रेझेंटेशन किया | इस मे सविता यादव (प्र. शि. )नीलिमा परेड( प्र .शि .)इन की वेशभूषा ने अधिक लोकप्रियता पाई | चित्रकला शिक्षिका रीमा धनु वारली कला प्रस्तुत की| कार्यक्रम में उपशिक्षणाधिकारी सुजाता खरे,अशोक मिश्रा, दीपिका पाटील .(प्र.अ.शाळा )आर- मध्य विभाग, कनिष्ठ पर्यवेक्षक शारीरिक शिक्षण विभाग क्रमांक 11 के ललित पाटील ,कल्पना उंबरे मॅडम, सभी शिक्षक , शिक्षकेतर कर्मचारी , पालक तथा प्यारे विद्यार्थियों ने बडी मात्रा मे ऑनलाइन सहभाग लिया |
शारीरिक शिक्षण शिक्षिका धनश्री सावे ने कार्यक्रम का सूत्रसंचालन बखूबी किया | कार्यानुभव शिक्षक श्री कुशल वर्तक ने कार्यक्रम की तांत्रिक धुरा संभाली | शाला की मुख्याध्यापिका गीता कनवजे ने सभी मान्यवर , सभी शिक्षको, पालकों , विद्यार्थियों का अभिनंदन व आभार व्यक्त किया।
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